अपराधबोध या पश्चाताप!

काल के उर में अटका,
गति, मति, यति का,
मधुर-मिलाप
अपराधबोध या पश्चाताप!

निज का ही अभिमान करे,
क्षणिक स्वास पर दंभ भरे,
न तरकस-तीर,
खाली म्यान,
मैं कुछ भी नहीं,
फिर भी विलाप
अपराधबोध या पश्चाताप!

बीच अधर में मैं पीसता,
अस्थि-पंजर को घिसता,
फूट पड़ती अश्रुधार,
स्वप्न में सिंचित सुकुमार,
मुझे है क्यों इतना संताप
अपराधबोध या पश्चाताप!

Advertisements

One Response to अपराधबोध या पश्चाताप!

  1. vinod says:

    really very touching.

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: